ध्यान और अंतर यात्रा: मानसिक अशांति के इस दौर में अपने भीतर छिपे ‘शांति के द्वीप’ को कैसे खोजें?
बाहर की दुनिया में आप चाहे जितनी यात्राएं कर लें, चाहे जितने पहाड़ों और वादियों में घूम आएं, लेकिन यदि आपके भीतर विचारों का कोलाहल शांत नहीं है, तो आपको दुनिया के किसी कोने में सुकून नहीं मिल सकता। आज का मानव एक अजीब सी विडंबना में जी रहा है। हमारे पास दूसरों की खबरों … Read more